रविवार, 24 मई 2020

शोएब अख्‍तर बोले- विराट कोहली मैदान में मेरे सबसे बड़े दुश्‍मन तो बाहर...

शोएब अख्‍तर बोले- विराट कोहली मैदान में मेरे सबसे बड़े दुश्‍मन तो बाहर...


पाकिस्‍तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्‍तर ने अधिकांश विराट कोहली की तारीफ की है। हालांकि, इस बार रावलपिंडी एक्‍सप्रेस ने कहा कि उन्‍हें लगता है कि वो और भारतीय कप्‍तान काफी अच्‍छे दोस्‍त होते क्‍योंकि उनका मानना है कि दोनों का नेचर एकजैसा है। अख्‍तर ने कहा कि मैदान के बाहर विराट कोहली उनके सबसे करीबी दोस्‍त होते जबकि मैदान के अंदर दोनों सबसे बड़े विरोधी होते।
शोएब अख्‍तर ने एक पॉडकास्‍ट में संजय मांजरेकर से कहा, 'विराट कोहली मेरा सबसे करीबी दोस्‍त होता क्‍योंकि हम दोनों ही पंजाबी हैं और हमारा नेचर काफी कुछ एकजैसा है। भले ही वो मुझसे काफी जूनियर है, लेकिन मेरे मन में उसके लिए काफी इज्‍जत है। हम मैदान के बाहर काफी अच्‍छे दोस्‍त होते और वहीं मैदान के अंदर हम दोनों एक-दूसरे के सबसे बड़े दुश्‍मन हो
आधुनिक युग के ब्रेडमैन
इससे पहले शोएब अख्‍तर भारतीय कप्‍तान विराट कोहली को आधुनिक युग का डॉन ब्रेडमैन करार दे चुके हैं और मैदान पर उनकी योजना की जमकर तारीफ कर चुके हैं। अख्‍तर ने कहा था कि भारतीय कप्‍तान गेंदबाजों के कप्‍तान है। यहीं नहीं, अख्‍तर ने हाल ही में भारतीय कप्‍तान को आउट करने की योजना का खुलासा भी किया था। 
उन्‍होंने एक इंस्‍टाग्राम लाइव वीडियो पर कहा था- 'अगर मैं गेंदबाजी कर रहा होता, तो क्रीज के काफी बाहर जाकर आगे की तरफ आकार बनाकर गेंद डालता और उन्‍हें ड्राइव करने को मजबूर करता। अगर वो योजना काम नहीं करती तो फिर मैं 150 किमी प्रति घंटे की गति से गेंद डालकर कोहली का शिकार करता।'

शनिवार, 9 मई 2020

जब सचिन तेंदुलकर ने अपने अंडरवियर में टिश्यू पेपर लगाकर मैच खेला, जानिए क्या थी वजह

जब सचिन तेंदुलकर ने अपने अंडरवियर में टिश्यू पेपर लगाकर मैच खेला, जानिए क्या थी वजह



सचिन तेंदुलकर ने टीम इंडिया के लिए कितना योगदान दिया है, ये बात किसी से छिपी नहीं है, कई बार उन्होंने मुश्किल हालात में भी मैच खेला था.

क्रिकेट की दुनिया के मास्टर ब्लास्टर कहे जाने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने हमेशा ही मैदान पर खेलते वक्त अपना 100% दिया है, फिर चाहे कोई भी परिस्थिति क्यों न रही हो. सचिन ने हर बार अपनी टीम का नाम रोशन किया है और हर बार उन्होंने साबित किया है कि टीम से बढ़कर कुछ भी नहीं है, ऐसा ही कुछ साल 2003 के वर्ल्ड कप के दौरान हुआ जब सचिन ने अपने अंडरवियर में टिशू पेपर लगाकर बल्लेबाजी की थी. इस बात का खुलासा खुद सचिन तेंडुलकर ने लंदन के केनिंग्टन ओवल ग्राउंड में हुए भारत-ऑस्ट्रेलिया के मैच के दौरान कॉमेंट्री करते हुए किया था. इसके अलावा इस किस्से का जिक्र सचिन तेंदुलकर की बायोग्राफी 'प्लेइंग इट माय वे' में भी किया गया है.
ये बात है साल 2003 वर्ल्ड कप की, जिसमें सचिन ने एक मैच के दौरान अपने अंडरवीयर में टीशू पेपर लगाकर बल्लेबाजी की थी.  टीम इंडिया और श्रीलंका के बीच मैच खेला जा रहा था, जोहान्सबर्ग में खेले गए इस मैच में सचिन, सहवाग के साथ ओपनिंग करने आए. उस वक्त सचिन तेंदुलकर का पेट काफी खराब हो गया था, लेकिन खेलना तो था ही, फिर क्या था सचिन ने अपने अंडरवियर में टिश्यू पेपर लगाया और मैदान पर बल्लेबाजी करने आ गए.  
उस मैच में सचिन और सहवाग की जबरदस्त साझेदारी ने श्रीलंका के गेंदबाजों की नाक में दम कर दिया था. सचिन ने उस मैच में 97 रनों की शानदार पारी खेली थी जिसकी वजह से टीम इंडिया 183 रनों से मैच जीती थी. सचिन तेंदुलकर ने इस घटना का जिक्र अपनी किताब 'प्लेइंग इट माय वे' में किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि, 'काफी दिनों से मुझे डिहाईड्रेशन की समस्या हो रही थी और साथ ही मेरे पेट में मरोड़ उठ रहे थे, इसके लिए मैंने एनर्जी ड्रिंक में एक चम्मच नमक मिलाकर पी लिया था, मुझे लग रहा था इससे मेरी हालत में जल्दी सुधार हो जाएगा, लेकिन उल्टा हुआ, नमक वाला पानी पीकर मेरी हालत और ज्यादा खराब हो गई.'
खराब तबीयत के बावजूद सचिन तेंदुलकर ने शानदार प्रदर्शन किया, हालांकि इस वर्ल्ड कप में टीम इंडिया फाइनल में पहुंचने के बाद टूर्नामेंट जीत नहीं पाई थी. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम को हार का सामना करना पड़ा था लेकिन गॉड ऑफ क्रिकेट सचिन तेंदुलकर के प्रदर्शन ने हर किसी का दिल जीता था. उन्होंने इस पूरे टूर्नामेंट अपने अनोखे अंदाज में बल्लेबाजी की, उसकी हर तरफ तारीफ हुई जिसकी वजह से उन्हें  'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' के खिताब से भी नवाजा गया था.

VIDEO: ‘मोहम्मद शमी की गेंद पर लगी थी मुझे चोट, 10 दिन तक बिस्तर पर पड़ी रही थी’, स्मृति मंधाना ने किया खुलासा

VIDEO: ‘मोहम्मद शमी की गेंद पर लगी थी मुझे चोट, 10 दिन तक बिस्तर पर पड़ी रही थी’, स्मृति मंधाना ने किया खुलासा 

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रोहित शर्मा ने भी शमी के बारे में बातचीत की। उन्होंने कहा कि वे नेट पर सबसे कठिन गेंदबाज हैं। बुमराह भी खेलने में कठिन है, लेकिन शुरुआती दो और तीन साल तक ही ऐसा था। यह भी पढ़ें

भारतीय महिला टीम की ओपनर स्मृति मंधाना लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में उन्होंने भारतीय मेन्स टीम के ओपनर रोहित शर्मा और अपनी टीम की साथी जेमिमा रोड्रिग्ज के साथ यूट्यूब पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने खुलासा किया कि एक बार मोहम्मद शमी की गेंद खेलते हुए वे चोटिल हो गई थीं। इसके बाद उन्हें ठीक होने में 10 दिन लग गए थे। चैट के दौरान तीनों ने शमी के मजे लिए।
स्मृति मंधाना ने उस घटना को याद करते हुए कहा, ‘‘मुझे याद है कि मैं शमी भैय्या को खेल रही थी। तब वे रिहैबलिटेशन कर रहे थे। वे 120 किमी की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे। उन्होंने वादा किया था कि वे शरीर पर गेंद नहीं फेकेंगे। मैं पहले दो गेंद को नहीं खेल सकी। मुझे उतनी तेज गेंद को खेलने का अभ्यास नहीं था। तीसरी गेंद उनकी अंदर आई और मेरे पैर पर आकर लगी। जहां गेंद लगी थी वह स्थान पहले काला हुआ, फिर ब्लू और फिर हरा। 10 दिन के बाद सूजन ठीक हुआ। बिस्तर से उठ ही नही पाई।’’
रोहित शर्मा ने भी शमी के बारे में बातचीत की। उन्होंने कहा कि वे नेट पर सबसे कठिन गेंदबाज हैं। रोहित ने कहा, ‘‘हमलोग नेट पर जहां अभ्यास करते हैं वह पिच हमेशा ग्रीन होती है। जब भी शमी ग्रीन पिच देखता है तो मानो एक्स्ट्रा बिरयानी खा लिया हो। बुमराह भी खेलने में कठिन है, लेकिन शुरुआती दो और तीन साल तक ही ऐसा था। शमी को मैं 2013 से खेल रहा हूं। फिलहाल शमी और बुमराह में नेट पर इस बात को लेकर कंपटीशन होती है कि कौन बल्लेबाज को ज्यादा छकाएगा और कौन हेलमेट पर ज्यादा मारेगा।


रोहित शर्मा आज यानी 30 अप्रैल को 33 साल के हो गए। उनकी गिनती उन बल्लेबाजों में होती है, जिनके लिए बड़े से बड़े स्कोर के लक्ष्य को हासिल करना असंभव नहीं है। रोहित शर्मा उन चार क्रिकेटरों में हैं, जिन्होंने दो अलग-अलग टीमों (डेक्कन चार्जर्स और मुंबई इंडियंस) के साथ आईपीएल जीता है। उनके अलावा लक्ष्मीपति बालाजी, प्रज्ञान ओझा और यूसुफ पठान के नाम भी यह रिकॉर्ड दर्ज है।

माइकल क्लार्क ने चुने दुनिया के सात सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, सूची में 2 भारतीय भी

माइकल क्लार्क ने चुने दुनिया के सात सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, सूची में 2 भारतीय भी


ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने अपने दौर के सात सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों का चयन किया है इस सूची में उन्होंने दो भारतीय खिलाड़ियों को भी जगह दी है।
ऑस्ट्रेलिया के विश्व कप विजेता कप्तान माइकल क्लार्क इन दिनों कई तरह की क्रिकेट परिचर्चाओं में शामिल होकर कोरोना काल में अपना वक्त गुजार रहे हैं। इस क्रम में क्लार्क ने अब दुनिया के सात सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों का चयन किया है। अपनी इस सूची में उन्होंने जिन खिलाड़ियों को शामिल किया है क्लार्क उन सभी के खिलाफ खुद भी खेल चुके हैं। क्लार्क ने अपनी इस सूची में दो भारतीय बल्लेबाजों को भी जगह दी है। 
क्लार्क ने जिन सात खिलाड़ियों का चयन किया है उसमें रिकी पॉन्टिंग अकेले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी है। उनके अलावा भारत के सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, वेस्टइंडीज के ब्रायन लारा, श्रीलंका के कुमार संगकारा, दक्षिण अफ्रीका के जैक कैलिस और एबी डिविलियर्स उनकी नजर में दुनिया के सात सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं। 
सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली
सचिन तेंदुलकर को तकनीकी रूप से बेहद मजबूत बल्लेबाज बताते हुए क्लार्क ने कहा, सचिन को आउट कप पाना बेहद मुश्किल था। वह तकनीकी रूप से काफी सक्षम बल्लेबाज थे। उनकी बल्लेबाजी में कोई कमजोरी नहीं थी। वहीं विराट कोहली को दिग्गज खिलाड़ियों की इस सूची में शामिल करते हुए क्लार्क ने कहा, वो तीनों फॉर्मेट में बेहतरीन बल्लेबाज हैं। वनडे और टी20 क्रिकेट में विराट का रिकॉर्ड बेहद अद्भुत है इसके साथ ही वो टेस्ट क्रिकेट में भी बल्ले के बल पर अपना दबदबा बनाने में सफल रहे हैं। 

ब्रायन लारा
वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज ब्रायन लारा के बारे में बात करते हुए क्लार्क ने कहा कि संभवत: वो मेरे पूरे करियर में सबसे पसंदीदा बल्लेबाज रहे हैं। आप उनके आंकड़ों और औसत को देखें तो पाएंगे कि उस सूची में कुछ ही बल्लेबाज हैं लेकिन जिस अंदाज में उन्होंने क्रिकेट खेली वो शानदार था। उन्होंने स्पिन और तेज गेंदबाजों के खिलाफ एक तरह से बल्लेबाजी की। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका प्रदर्शन विशिष्ट था। 
एबी डिविलियर्स और जैक कैलिस
एबी डिविलियर्स के बारे में बात करते हुए क्लार्क ने कहा, मैं आशा करता हूं कि उनकी दक्षिण अफ्रीकी टीम में वापसी होगी। ये सुपर स्टार खिलाड़ी कहीं भी किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी करने में सक्षम है। उन्होंने टी20 में अपना दबदबा कायम किया वो मैदान के किसी भी हिस्से में शॉट खेलने में सक्षम हैं। वहीं जैक कैलिस के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा मैं जितने भी खिलाड़ियों के खिलाफ खेला उनमें कैलिस सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए उनका प्रभाव विशिष्ट था। हमारे सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के खिलाफ भी उन्होंने आसानी से रन बनाए।

रिकी पॉन्टिंग
ऑस्ट्रेलिया को दो बार विश्व चैंपियन बनाने वाले कप्तान रिकी पॉन्टिंग के बारे में क्लार्क ने कहा, मैं जिन खिलाड़ियों के साथ करियर में खेले वो उनमें से सर्वश्रेष्ठ ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज थे। ऐसे महान खिलाड़ी के साथ खेलने का मुझे सौभाग्य हासिल हुआ। ऑस्ट्रेलिया के अन्य महान बल्लेबाजों से जो बात पॉन्टिंग को अलग करती है वो दौर जब वो खेले। उस दौर में सभी टीमों में दो तीन विश्व स्तरीय गेंदबाज थे और पॉन्टिंग ने उन सभी के खिलाफ अपना वर्चस्व कायम रखा।

कुमार संगकारा
श्रीलंका के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज और कप्तान कुमार संगकारा के बारे में कहा, वो शानदार थे जो नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते थे वो सबसे मुश्किल पोजीशन है। उन्होंने विश्व कप में लगातार तीन शतक जडे़ थे। संगकारा एक फोर्स थे और जेंटलमैन खिलाड़ी थे। 

वो मूर्ख है और क्‍या कहूं', जानिए रोहित शर्मा ने अपनी टीम के साथी को ऐसा क्‍यों कहा?

वो मूर्ख है और क्‍या कहूं', जानिए रोहित शर्मा ने अपनी टीम के साथी को ऐसा क्‍यों कहा?


रोहित शर्मा और शिखर धवन की भारतीय ओपनिंग जोड़ी दुनिया की सबसे खतरनाक जोड़‍ियों में से एक मानी जाती है। धवन और रोहित ने 107 पारियों में 4802 वनडे रन जोड़े, जो 50 ओवर प्रारूप में किसी ओपनिंग जोड़ी द्वारा चौथे सबसे ज्‍यादा रन हैं। दोनों बल्‍लेबाजों ने अपनी टीम के लिए कई मैच विजयी प्रदर्शन किए और भारतीय टीम अधिकांश शानदार शुरुआत के लिए अपने इन दोनों बल्‍लेबाज पर निर्भर रहती है। मगर जब इस जोड़ी ने एकसाथ ओपनिंग करना शुरू किया था, तब दोनों के बीच सबकुछ ठीक नहीं था।
रोहित शर्मा ने इंस्‍टाग्राम लाइव पर ऑस्‍ट्रेलियाई ओपनर डेविड वॉर्नर के साथ बातचीत करते हुए 2013 चैंपियंस ट्रॉफी का मजेदार किस्‍सा याद किया। बता दें कि शिखर धवन के साथ रोहित शर्मा पहली बार इसी टूर्नामेंट में ओपनिंग करने आए थे। वॉर्नर ने सनराइजर्स हैदराबाद के एक वीडियो का जिक्र किया, जिसमें वह शिखर धवन के साथ ओपनिंग करने जा रहे थे। कंगारू बल्‍लेबाज ने रोहित से पूछा कि क्‍या बाएं हाथ के बल्‍लेबाज ने उनसे भी पहली गेंद का सामना करने को बोला था।
मूर्ख है धवन: रोहित
वॉर्नर के सवाल का जवाब देते हुए हिटमैन ने कहा, 'शिखर धवन मूर्ख है। मैं और क्‍या बोलूं। उसको पहली गेंद का सामना करना पसंद नहीं। वह स्पिनर्स पर हावी होना पसंद करता है, लेकिन तेज गेंदबाजों का सामना नहीं करना चाहता। मुझे 2013 का किस्‍सा याद है, जब मैंने ओपनिंग करना शुरू की। चैंपियंस ट्रॉफी में बतौर ओपनर मेरी दूसरी पारी थी। हम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेल रहे थे, जिसमें मोर्ने मोर्केल और डेल स्‍टेन थे। मैंने कभी नई गेंद से उनका सामना नहीं किया था। मैंने शिखर को कहा कि तुम्‍हें स्‍ट्राइक लेनी होगी भाई।'
रोहित ने आगे कहा, 'मगर वो बोला नहीं रोहित। तुम्‍हें खेलते हुए कुछ समय हो गया है। यह मेरा पहला ओवर है। मैं स्‍ट्राइक नहीं ले सकता। तुमको करना होगा। मैंने कहा- जो बंदा लगातार ओपनिंग करता है, वो स्‍ट्राइक ही नहीं लेना चाहता। मैंने स्‍ट्राइक ली। मोर्ने मोर्केल की शुरुआती गेंदें मुझे समझ ही नहीं आई कि कहां गईं। मुझे उछाल का पता नहीं चल रहा था। मैं उसके लिए तैयार नहीं था। मुझे नहीं पता था कि नई गेंद कैसा खेलेगी और वो भी इंग्‍लैंड में। जहां तक मुझे याद है, मैं उस मैच में क्‍लीन बोल्‍ड हुआ था। मेरा शिखर धवन के साथ यह पहला अनुभव था। मगर अब हम एक-दूसरे के साथ संतुलित हैं।'
अजीब है धवन
33 साल के रोहित शर्मा ने मजाक में कहा कि धवन कभी बहुत झिलाने लग जाते हैं। उन्‍होंने कहा, 'कभी तो धवन बहुत झिलाने वाला हो जाता है। मैं कुछ योजना बना रहा हूं कि वह गेंदबाज ऐसा करेगा तो हमें ऐसा करना होगा। पांच सेंकड बाद धवन पूछता है हां क्‍या बोल रहा था। आप मैच के बीच गजब दबाव में हैं और ये आदमी ऐसी चीजें कर जाता है, जिससे आपको गुस्‍सा आ जाए। आपको पता ही नहीं होता कि किस तरह रिएक्‍ट करना है।'
रोहित जब ये किस्‍से साझा कर रहे थे तब वॉर्नर अपनी हंसी नहीं दबा पा रहे थे। हिटमैन ने कहा, 'धवन कुछ अजीब चीजें करता हैं। जब वो गेंद रोकता है तो एक या दो कदम आगे चलता है। नॉन स्‍ट्राइकर के लिए उलझन वाली बात होती है कि रन लेना है कि नहीं। अब इतने सालों में मुझे ये बात समझ आई कि तब तक रन नहीं लेना जब तक गैप में गेंद न गई हो। मैंने ऐसा करके कई रन गंवाए हैं। मगर मुझे पछतावा नहीं। मैं इसकी वजह से कई बार खतरे में पड़ चुका हूं।'

इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने VIDEO पोस्ट कर विराट कोहली का उड़ाया मजाक, भारतीय फैंस ने याद दिलाए आंकड़े ऐप पर पढ़ें

इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने VIDEO पोस्ट कर विराट कोहली का उड़ाया मजाक, भारतीय फैंस ने याद दिलाए आंकड़े 


कोहली सीरीज के तीनों मुकाबलों में स्पिनर की गेंद पर ही आउट हुए थे। पहले और तीसरे वनडे में उन्हें राशिद ने आउट किया था। दूसरे मैच में मोइन अली ने भारतीय कप्तान ने उन्हें पवेलियन भेजा था।

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोल्ड (ईसीबी) ने ट्विटर पर विराट कोहली का एक वीडियो पोस्ट किया। यह वीडियो 2018 की है। तब टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर गई थी। वहां आदिल रशीद की एक शानदार गेंद पर कोहली क्लीन बोल्ड हो गए थे। उन्हें इस तरह कम ही बार आउट होते देखा गया। वे गेंद को समझ ही नहीं पाए। उनके चेहरे का भाव भी यही दिखा रहा था। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने उसी वीडियो को पोस्ट कर भारतीय कप्तान से पूछा- क्या ये आपके द्वारा खेली गई बेस्ट गेंद थी?
कोहली उस मैच में 71 रन पर खेल रहे थे। वे वनडे में अपना 36वां शतक लगा देते, लेकिन राशिद ने उनकी पारी को समाप्त कर दिया। संयोग से कोहली सीरीज के तीनों मुकाबलों में स्पिनर की गेंद पर ही आउट हुए थे। पहले और तीसरे वनडे में उन्हें राशिद ने आउट किया था। दूसरे मैच में मोइन अली ने भारतीय कप्तान ने उन्हें पवेलियन भेजा था। तब विराट दूसरी बार अपने करियर में लगातार तीन मैचों में स्पिनर की गेंद पर ही आउट हुए थे। इससे पहले वे 2014 में श्रीलंका के खिलाफ लगातार तीन मैच में स्पिनर की गेंद पर आउट हुए थे।
इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने इस वीडियो को पोस्ट कर भारतीय कप्तान का मजाक उड़ाना चाहा, लेकिन भारतीय फैंस ने उसे करारा जवाब दिया था। एक भारतीय फैंस ने विदेश में उनके द्वारा किए गए प्रदर्शनों की याद दिलाई। वहीं, एक अन्य फैन ने क्रिस वोक्स की गेंद पर विराट द्वारा लगाए गए सिक्स का वीडियो शेयर कर दिया। उसने लिखा- उम्मीद है आप भूले नहीं होंगे। एक यूजर ने तो इंग्लैंड के वर्ल्ड कप जीतने पर ही सवाल उठा दिया। उसने लिखा- सभी आजतक यही सोच रहे हैं कि क्या ईसीबी ने वर्ल्ड कप जीता है। वह तो टाई हुआ था।
कोरोनावायरस के कारण दुनिया भर में कहीं भी क्रिकेट की कोई भी प्रतियोगिताएं नहीं हो रही हैं। भारत में आईपीएल के 13वें सीजन को अनिश्चितकाल तक के लिए टाल दिया गया है। भारतीय कप्तान कोहली का मानना है कि कोविड-19 महामारी के खत्म होने के बाद पूरी संभावना है कि क्रिकेट खाली स्टेडियम में खेला जायेगा, हालांकि इससे खिलाड़ियों के जज्बे पर कोई असर नहीं पड़ेगा लेकिन वह मानते हैं कि जादुई माहौल की निश्चित रूप से कमी खलेगी।

शुक्रवार, 8 मई 2020

इस साल मुश्किल है T20 वर्ल्ड कप’, रोहित शर्मा संग Instagram चैट पर डेविड वार्नर ने जताई आशंका

इस साल मुश्किल है T20 वर्ल्ड कप’, रोहित शर्मा संग Instagram चैट पर डेविड वार्नर ने जताई आशंका 


कोविड 19 वैश्विक महामारी के कारण दुनिया भर में क्रिकेट से जुड़ी गतिविधियां ठप हैं। अब टी20 विश्व कप के आयोजन पर संकट के बादल छाने लगे हैं। वार्नर ने भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के साथ ‘इंस्टाग्राम चैट’ की।

‘इस साल मुश्किल है T20 वर्ल्ड कप’, रोहित शर्मा संग Instagram चैट पर डेविड वार्नर ने जताई आशंका 

कोविड 19 वैश्विक महामारी के कारण दुनिया भर में क्रिकेट से जुड़ी गतिविधियां ठप हैं। अब टी20 विश्व कप के आयोजन पर संकट के बादल छाने लगे हैं। वार्नर ने भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के साथ ‘इंस्टाग्राम चैट’ की।

लॉकडाउन के कारण डेविड वार्नर और रोहित शर्मा सोशल मीडिया पर पहले से ज्यादा एक्टिव हैं।
ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज डेविड वार्नर का ताजा बयान क्रिकेट प्रेमियों को निराश कराने वाला है। उन्होंने इस साल अपने देश में होने वाले टी-20 विश्व कप के आयोजन पर आशंका जताई है। वार्नर ने कहा, कोविड-19 महामारी के कारण जैसी परिस्थितियां हैं उसे देखते हुए ऑस्ट्रेलिया में अक्टूबर-नवंबर में टी20 वर्ल्ड कप का आयोजन मुश्किल है।
इस वैश्विक महामारी के कारण दुनिया भर में क्रिकेट से जुड़ी गतिविधियां ठप हैं। अब टी20 विश्व कप के आयोजन पर संकट के बादल छाने लगे हैं। वार्नर ने भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा के साथ ‘इंस्टाग्राम चैट’ की। उन्होंने रोहित से कहा, ‘जैसी परिस्थितियां है, उससे आईसीसी विश्व कप टी20 का आयोजन होता नहीं दिख रहा है। हर किसी (16 टीमें) को एक साथ लाना काफी मुश्किल होगा।’
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने टी20 विश्व कप को लेकर अब तक कोई फैसला नहीं लिया है। विश्व कप के बाद भारत का ऑस्ट्रेलिया दौरा है। रोहित की नजर में वह दौरा अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर शुरू करने का ‘शानदार मौका’ होगा। सीमित ओवरों के फॉर्मेट में भारतीय उपकप्तान ने कहा, ‘मुझे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलना पसंद है। पिछली बार जब हम जीते (2019) थे, तब वह बेहतरीन पल था। हमें आपकी कमी (वार्नर और स्टीव स्मिथ) खल रही थी।’
उन्होंने कहा, ‘हमारे गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था। मुझे अगले दौरे का इंतजार है। उम्मीद है कि दोनों बोर्ड सीरीज कराने का कोई तरीका ढूंढ़ लेंगे। दुनिया के लिए यह क्रिकेट को फिर से शुरू करने का शानदार मौका होगा।’ भारतीय टीम ने पिछले दौरे पर ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज में जीत हासिल की थी।

बुधवार, 6 मई 2020

First Cricket bat: देखिए इतिहास का पहला क्रिकेट बैट, मर गया था फील्डर

First Cricket bat: देखिए इतिहास का पहला क्रिकेट बैट, मर गया था फील्डर


क्रिकेट इतिहास में कब क्या हुआ, इसको लेकर फैंस में हमेशा से दिलचस्पी रहती है। आइए आज आपको बताते और दिखाते हैं कि आखिर पहला क्रिकेट बैट कैसा दिखता था और क्या थी उसकी कहानी।

क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसने कई बार अपना रूप बदला। अंग्रेजों द्वारा शुरू किए गए इस खेल को शुरुआती दिनों में सिर्फ राजा-महाराजा या शीर्ष पदों पर मौजूद लोग ही खेला करते थे लेकिन जैसे-जैसे समय बीता ये खेल आम लोगों में लोकप्रिय हुआ और आज कई देशों में इसको लेकर दीवानगी देखने लायक है। जैसे-जैसे क्रिकेट बदला उसके नियम और अंदाज के साथ-साथ सामानों का रूप भी बदल गया। क्रिकेट बैट से लेकर क्रिकेट बॉल तक, सभी में बदलाव देखने को मिले। आज हम आपको बताते हैं क्रिकेट के सबसे महत्वपूर्ण सामान क्रिकेट बैट के बारे में।
अगर क्रिकेट पर लिखी गई तमाम किताबों व उससे जुड़े लेखों की मानें तो पहला क्रिकेट बैट 1624 में देखने को मिला था। वो आज के क्रिकेट बैट से काफी जुदा था। इतिहास का वो पहला क्रिकेट बैट किसी हॉकी स्टिक की तरह था। पतला और लंबा। उस बैट से जुड़ा एक ऐसा किस्सा भी दर्ज है जिसको सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं।
फील्डर की गई जान
जब-जब 1624 में इस्तेमाल हुए पहले क्रिकेट बैट की चर्चा होती है, तो उसके साथ-साथ एक डरावने वाकया का जिक्र भी होता है। दरअसल, एक बार उस हॉकी जैसे दिखने वाले सबसे पुराने क्रिकेट बैट से एक खिलाड़ी खेल रहा था। उस दौरान एक फील्डर काफी करीब खड़े होकर फील्डिंग कर रहा था। एक गेंद पर बल्लेबाज ने गलती से हवा में शॉट खेला तो फील्डर उस कैच को पकड़ने वाला था लेकिन बल्लेबाज ने कैच रोकने के इरादे से इस तरह बल्ला घुमाया कि वो फील्डर के सिर से टकराया और फील्डर की मौत हो गई। बताया जाता है कि उसके बाद मामले की आधिकारिक जांच भी हुई थी।
1770 में बदला स्वरूप, गेंदबाजी भी बदल गई
पहले क्रिकेट बैट से ज्यादा लोग खुश नहीं थे और शॉट खेलना भी मुश्किल होता था इसलिए आखिरकार 1770 में बल्ले का स्वरूप बदल गया। इस बार बल्लेे को ऊपर हल्का रखते हुए बीच में और नीचे चौड़ा रखा गया। इसका वजन भी ज्यादा था और मोटाई भी। यही वो बल्ला है जिसमें थोड़े बहुत मामूली बदलाव और हुए, जो आज तक इस्तेमाल हो रहा है। इसके बाद 1820 में गेंदबाजी का नियम व तरीका भी बदल गया। पहले गेंद 'अंडरआर्म' डाली जाती थी लेकिन उसके बाद तय हुआ कि गेंद हाथ घुमाकर ऊपर से फैंकी जाएगी ताकि बाउंस मिल सके।

ये हैं इंग्लैंड के सैंडहम म्यूजियम (ओवल) में रखे गए शुरुआत के क्रिकेट बैट



क्रिकेट बैट ऐसे हुआ तैयार
इसके बाद 1835 में क्रिकेट बैट की लंबाई 38 इंच तय की गई जो आज तक बरकरार है। फिर 1853 से विलो (Willow) लकड़ी से बनने वाले बल्ले के हैंडल को अलग केन लकड़ी से बनाया जाने लगा जो कि बल्ले से जोड़ दिया जाता था जबकि उससे पहले लकड़ी की पूरी एक पट्टी से एक बैट बनता था। जबकि 1864 आते-आते बल्ले के हैंडल में रबर ग्रिप भी लगाना भी शुरू कर दी गई जो आमतौर पर भारत से ही आती थी। आज शानदार बल्लों के साथ-साथ बल्लेबाज के पास सुरक्षा के कई सामान होते हैं जो कि पुराने जमाने में नहीं हुआ करते थे।

Yuvraj vs Dhoni: युवराज सिंह के पिता ने धोनी और विराट को लेकर उगली आग, अब दिया ये बयान

Yuvraj vs Dhoni: युवराज सिंह के पिता ने धोनी और विराट को लेकर उगली आग, अब दिया ये बयान



टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) को लेकर एक बार फिर पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह गरजे हैं। उन्होंने धोनी पर करारा प्रहार किया है।


भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गजों- युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी के रिश्तों की चर्चा कोई नई बात नहीं है। इन दोनों खिलाड़ियों ने एक दूसरे के बारे में कभी कुछ गलत बात नहीं की है लेकिन हमेशा से इन दोनों के बीच खटास को लेकर खबरें उड़ती नजर आई हैं। इसमें जिस एक नाम की सबसे बड़ी भूमिका रही, वो हैं युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह। युवी के पिता ने हमेशा धोनी को टारगेट किया और एक बार फिर उन्होंने धोनी को लेकर विवादित बयान दे डाला है।
योगराज सिंह ने इस बार सौरव गांगुली को अपने बयान का जरिया बनाया। उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के बारे में बात करते हुए महेंद्र सिंह धोनी पर निशाना साधा। योगराज के मुताबिक सौरव गांगुली ने अपने कप्तानी के दिनों में जैसे जूनियर खिलाड़ियों का साथ देते हुए उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया, वैसा धोनी ने कभी नहीं किया।


Yuvraj vs Dhoni: युवराज सिंह के पिता ने धोनी और विराट को लेकर उगली आग, अब दिया ये बयान

Updated May 06, 2020 | 19:22 IST

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) को लेकर एक बार फिर पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह गरजे हैं। उन्होंने धोनी पर करारा प्रहार किया है।

Yuvraj Singh's father Yograj Singh slams MS Dhoni again
तस्वीर साभार: BCCL
Yuvraj Singh's father Yograj Singh slams MS Dhoni again
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नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गजों- युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी के रिश्तों की चर्चा कोई नई बात नहीं है। इन दोनों खिलाड़ियों ने एक दूसरे के बारे में कभी कुछ गलत बात नहीं की है लेकिन हमेशा से इन दोनों के बीच खटास को लेकर खबरें उड़ती नजर आई हैं। इसमें जिस एक नाम की सबसे बड़ी भूमिका रही, वो हैं युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह। युवी के पिता ने हमेशा धोनी को टारगेट किया और एक बार फिर उन्होंने धोनी को लेकर विवादित बयान दे डाला है।
योगराज सिंह ने इस बार सौरव गांगुली को अपने बयान का जरिया बनाया। उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के बारे में बात करते हुए महेंद्र सिंह धोनी पर निशाना साधा। योगराज के मुताबिक सौरव गांगुली ने अपने कप्तानी के दिनों में जैसे जूनियर खिलाड़ियों का साथ देते हुए उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया, वैसा धोनी ने कभी नहीं किया।
योगराज का ताजा बयान
युवराज सिंह के पिता योगराज ने अपने इस ताजा बयान में कहा, 'हाल ही में मैंने सहवाग, गंभीर और युवराज से जुड़े जो वीडियो देखे, सभी ने धोनी के बारे में सीधे या घुमा-फिरा कर कुछ ना कुछ जरूर कहा है। आखिर सब लोग गांगुली के बारे में इतनी बात क्यों करते हैं? जब उसने टीम बनानी शुरू की थी, तब टीम की रैंकिंग 7 थी। उसने युवराज, कैफ, जहीर, हरभजन, सहवाग और गंभीर जैसे खिलाड़ियों को शामिल किया और एक नई टीम बनाई।'
युवराज को कप्तान बनना था..
योगराज सिंह ने इसके बाद अपने बेटे युवराज सिंह का पक्ष लेते हुए कहा कि उनका बेटा भारतीय क्रिकेट टीम का कप्तान बनने का असल हकदार था लेकिन धोनी की किस्मत वहां काम कर गई। योगराद ने कहा, 'ये किस्मत ही है कि युवराज को कप्तान बनना चाहिए था लेकिन कमान धोनी को मिली और साथ ही एक बनी-बनाई टीम भी।'
कोहली, धोनी ने धोखा दिया लेकिन मिलनी चाहिए अच्छी विदाई
युवी के पिता यहीं नहीं थमे। उन्होंने धोनी के साथ-साथ मौजूदा भारतीय कप्तान विराट कोहली पर भी निशाना साधा। उनका मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली ने युवराज सिंह से धोखा किया। योगराज ने कहा, 'इन दोनों के अलावा (धोनी और कोहली) चयनकर्ताओं ने भी धोखा दिया। मैं हाल ही में रवि से मिला। उसने मुझसे एक फोटो के लिए पूछा। मैं उनसे कहा है कि सभी महान खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के हिसाब से अच्छी विदाई मिलनी चाहिए। जब धोनी, कोहली या रोहित रिटायर हों तो बोर्ड से गुजारिश है कि उन्हें अच्छी विदाई दी जाए क्योंकि उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए काफी कुछ किया है। कई लोगों ने युवराज की पीठ पर छुरा भोंका और ये दुख देता है।

मौजूदा भारतीय टीम की तुलना ऑस्ट्रेलिया की 90 के दशक की टीम से नहीं की जा सकती: आशीष नेहरा

मौजूदा भारतीय टीम की तुलना ऑस्ट्रेलिया की 90 के दशक की टीम से नहीं की जा सकती: आशीष नेहरा


पूर्व भारतीय पेसर आशीष नेहरा (Ashish Nehra) ने कहा कि उस ऑस्ट्रेलियाई टीम ने लगातार तीन वर्ल्ड कप जीते थे और टेस्ट में भी कमाल का प्रदर्शन किया था।


हाइलाइट्स:
  • भारत ने 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया में अपनी पहली सीरीज जीती जिसके लिए टीम ने 7 दशक इंतजार किया
  • विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज में उसी के घर में दी मात
  • आशीष नेहरा बोले, उस ऑस्ट्रेलियाई टीम की बराबरी करने के लिए काफी दूरी तय करनी होगी
  • टीम संयोजन से बार-बार छेड़छाड़ किए जाने से भी 
  • खुश नहीं हैं पूर्व पेसर आशीष नेहरा 

पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज आशीष नेहरा को लगता है कि विराट कोहली की अगुआई वाली भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया की 2000 दशक की टीम के बराबर नहीं कहा जा सकता है। नेहरा ने कहा कि इसके लिए उसे अब भी लंबा रास्ता तय करना होगा। कोहली के नेतृत्व में भारत ने 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया में अपनी पहली सीरीज जीती थी जिसके लिए टीम को सात दशक का इंतजार करना पड़ा। 

इसके लिए हालांकि स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर की अनुपस्थिति को अहम नहीं माना जा सकता है जो उस समय गेंद से छेड़छाड़ के कारण प्रतिबंधित थे। नेहरा ने पूर्व खिलाड़ी आकाश चोपड़ा के शो ‘आकाशवाणी’ पर कहा, ‘इस भारतीय टीम को उस ऑस्ट्रेलियाई टीम (स्टीव वॉ और फिर रिकी पॉन्टिंग की कप्तानी वाली) की बराबरी करने के लिए काफी दूरी तय करनी होगी।’ 
उन्होंने कहा, ‘आप ऑस्ट्रेलियाई टीम के बारे में बात कर रहे हो जिसने लगातार तीन विश्व कप जीते थे और फिर 1996 के फाइनल में पहुंची थी, उसने घरेलू और विदेशी सरजमीं पर 18-19 टेस्ट मैच जीते थे।’ वह हालांकि टीम संयोजन से बार बार छेड़छाड़ किए जाने से भी खुश नहीं थे। 

दिल्ली के 41 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर ने कहा, ‘ऐसा नहीं है कि यह भारतीय टीम वहां तक नहीं पहुंच सकती लेकिन मेरा मानना है कि कोर ग्रुप बहुत अहम है। कोई भी आदमी अगर टेबल पर बहुत सारे पकवान देखेगा तो वह असमंजस में पड़ जाएगा इसलिये सबसे महत्वपूर्ण चीज है कम लेकिन बेहतर पकवान होना।’ 

मंगलवार, 5 मई 2020

क्रिकेट गेंद को लार से चमकाने की बजाय बॉल का वजन बढ़ाना चाहिए, इससे तेज गेंदबाज को फ्लैट विकेट पर भी स्विंग मिलेगी: शेन वार्न

क्रिकेट गेंद को लार से चमकाने की बजाय बॉल का वजन बढ़ाना चाहिए, इससे तेज गेंदबाज को क्रिकेट / गेंद को लार से चमकाने की बजाय बॉल का वजन बढ़ाना चाहिए, इससे तेज गेंदबाज को फ्लैट विकेट पर भी स्विंग मिलेगी: शेन वार्न

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्पिनर शेन वार्न ने कहा- इतने सालों में बल्ले को लेकर कितने सारे बदलाव किए गए, लेकिन गेंद में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बॉल का वजन बढ़ाने से बल्ले के साथ इसका संतुलन स्थापित हो सकता है। -फाइल फोटो

  • पूर्व ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर शेन वॉर्न ने कहा- क्रिकेट बॉल को टेनिस या लॉन बॉल की तरह एक तरफ से भारी करना चाहिए
  • ऑस्ट्रेलिया की कूकाबूरा कंपनी गेंद को चमकाने के लिए जल्द ही वैक्स एप्लीकेटर (मोम से बना कैमिकल) लेकर आ रही

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व स्पिनर शेन वार्न भी अब कोरोनावायरस के बाद क्रिकेट में गेंद को चमकाने के लिए लार या पसीने का इस्तेमाल करने या नहीं करने की बहस में शामिल हो गए हैं। उन्होंने सभी से हटकर बॉल का एक साइड से वजन बढ़ाने की सलाह दी है। वार्न ने कहा है कि ऐसा करने से तेज गेंदबाज को फ्लैट विकेट पर भी लगातार स्विंग मिलती रहेगी और बॉल टेम्परिंग भी जड़ से खत्म हो जाएगी। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की कूकाबूरा कंपनी ने कहा था कि वह गेंद को चमकाने के लिए जल्द ही वैक्स एप्लीकेटर (मोम से बना कैमिकल) लेकर आ रही है।
शेन वार्न ने स्काय स्पोर्ट्स क्रिकेट पोटकास्ट पर कहा, ‘‘क्यों हम गेंद को एक तरफ से भारी नहीं बना सकते, जिससे की वह हमेशा स्विंग होती रहे? यह टेप लगी हुई टेनिस या लॉन बॉल की तरह हो सकती है। मुझे नहीं लगता कि आप वसीम अकरम और वकार यूनुस की तरह गेंद को स्विंग कराना चाहेंगे, लेकिन इससे तेज गेंदबाजों को टेस्ट के दूसरे और तीसरे दिन भी फ्लैट विकेट पर स्विंग मिलेगी।’’
‘अब तक बल्ले में काफी बदलाव हुए, अब बॉल में बदलाव हो’
पूर्व स्पिनर ने कहा, ‘‘क्रिकेट में आगे बढ़ने का यह सही तरीका रहेगा। इससे गेंद के साथ छेड़छाड़ भी नहीं करनी पड़ेगी। इतने सालों में बल्ले को लेकर कितने सारे बदलाव किए गए हैं। 80 के दशक में खिलाड़ियों ने अपना करियर जिस बल्ले के साथ शुरु और फिर बाद में अंत किया। उन दोनों बल्लों में काफी अंतर रहा है। तब से अब तक बल्ले का आकार घटता-बढ़ता रहा है, लेकिन गेंद में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बॉल का वजन बढ़ाने से बल्ले के साथ इसका संतुलन स्थापित हो सकता है।’’
नए बदलावों के लिए युवा खिलाड़ी सक्षम हों: लबुशाने
ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर मार्नस लबुशाने भी महामारी के बाद गेंद को लार से चमकाने की आदत को छोड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सभी का उद्देश्य जल्द मैदान पर लौटना है, इसके लिए जो भी बदलाव करना पड़े, करना चाहिए। युवा खिलाड़ियों को भी इसके लिए सक्षम होना चाहिए। लबुशाने ने कहा कि खिलाड़ी मैदान पर होते हैं, तो गेंद पर लार लगाना उनकी आदत रहती है। ऐसे में नए बदलाव काफी अटपटे रहेंगे।
एक महीने में तैयार होगा वैक्स एप्लीकेटर
हालात को देखते हुए कूकाबूरा वैक्स एप्लीकेटर तैयार कर रही है। ये एक महीने में बाजार में आ सकता है। कंपनी के एमडी ब्रेट इलियट ने कहा, “हम गेंद चमकाने के पारंपरिक तरीकों को बदलने के लिए एक वैक्स एप्लीकेटर पर काम कर रहे हैं। अंपायरों की निगरानी में इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।”
कैसा होगा एप्लीकेटर?
ब्रेट के मुताबिक, “स्पंज के ऊपरी हिस्से पर खास तरह के मोम की परत होगी। इसे प्लेयर्स या अंपायर्स आसानी से जेब में रख सकेंगे।” बता दें कि ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट ने साफ कर दिया है कि भविष्य में गेंद चमकाने के लिए थूक, पसीने या लार का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
आईसीसी भी कर रही है विचार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईसीसी इस बात पर विचार कर रही है कि क्रिकेट दोबारा शुरू होने पर बॉल शाइनिंग के पारंपरिक तरीके पर रोक लगा दी जाए। इससे संक्रमण का बेहद खतरा है। विकल्प की तलाश जारी है। माना जा रहा है कि कृत्रिम पदार्थ (artificial substance) को मंजूरी दी जा सकती है। इसके इस्तेमाल पर अंपायर नजर रखेंगे।

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